उत्तर प्रदेश सरकार
संख्या 1724 / 43-2-2006-15-2 (2) -03 (सीटीसी) -19 अधिसूचना

नियमावली


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संख्या 1724/43-2-2006-15-2(2)-03 (टी०सी०)-19
लखनऊ, 27 नवम्बर, 2006

प०आ०-3248
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (अधिनियम संख्या 22 सन् 2005) की धारा 27 की उपधारा (2) के खण्ड (ड.) और (च) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके राज्यपाल निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं :-

उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग (अपील प्रक्रिया) नियमावली, 2006

1-(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश राज्य सूचना अयोग (अपील प्रक्रिया)
(2) यह शासकीय गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।

संक्षिप्त नाम
और प्रारम्भ

2-(1) जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस नियमावली में :-
(क) "अधिनियम" का तात्पर्य सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 से है;
(ख) "आयोग" का तात्पर्य उत्तर प्रदेश सूचना आयोग से है;
(ग) "धारा" का तात्पर्य अधिनियम की धारा से है;
(घ) इस नियमावली में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिए समनुदेशित किये गये हैं।

परिभाषाएँ

3-आयोग में की गयी अपील में निम्नलिखित सूचना समाविष्ट होगी, अर्थात्

(क) अपीलार्थी का नाम और पता,
(ख) राज्य लोक सूचना अधिकारी, जिसके विनिश्चय के विरूद्ध अपील की गयी है, का नाम और पता;
(ग) उस आदेश का संख्या सहित, यदि कोई हो, विवरण जिसके विरूद्ध अपील की गयी है;
(घ) संक्षिप्त तथ्य, जिनके कारण अपील की गयी;
(ड़) यदि अपील समझी गयी नामंजूरी के विरूद्ध प्रस्तुत की गयी हो तो संख्या और दिनांक सहित आवेदन-पत्र का विवरण और उस राज्य लोक सूचना अधिकारी, जिसको आवेदन किया था, का नाम और पता;
(च) प्रार्थना या मांगी गई राहत;
(छ) प्रार्थना या राहत के आधार,
(ज) अपीलार्थी द्वारा सत्यापन; और
(झ) कोई अन्य सूचना जिसे आयोग अपील के विनिश्चय के लिए आवश्यक समझे।

अपील की विषय-वस्तु

4- आयोग को दायर की गयी प्रत्येक अपील के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न किये जाएंगे, अर्थत् :-

(क) आदेशों या दस्तावेजों, जिनके विरूद्ध अपील प्रस्तुत की जा रही है, की स्व-प्रमाणित प्रतियां;
(ख) उन दस्तावेजों की प्रतियां जिन पर अपीलार्थी निर्भर है और जो अपील में निर्दिष्ट की गयी है; और
(ग) अपील में निर्दिष्ट दस्तावेजों की अनुक्रमणिका;

अपील के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेज

5-अपील का विनिश्चय करने में आयोग-

(क) सम्बन्धित या हितबद्ध व्यक्ति से शपथ पर या शपथ-पत्र पर मौखिक या लिखित साक्ष्य की सुनवाई कर सकता है;
(ख) दस्तावेजों, लोक अभिलेखों या उनकी प्रतियों का परिशीलन या निरीक्षण कर सकता है;
(ग) प्राधिकृत अधिकारी के माध्यम से अग्रतर व्यौरों और तथ्यों की जाँच कर सकता है;
(घ) यथास्थिति राज्य लोक सूचना अधिकारी, राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी या ऐसे ज्येष्ठ अधिकारी जिसने पहली अपील का विनिश्चय किया हो या ऐसे व्यक्ति जिसके विरूद्ध शिकायत की गयी हो, की सुनवाई कर सकता है;
(ड़) तृतीय पक्ष की सुनवाई कर सकता है; और
(च) राज्य लोक सूचना अधिकारी, राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी, ऐसा ज्येष्ठ अधिकारी जिसने पहली अपील का विनिश्चय किया हो, ऐसा व्यक्ति जिसके विरूद्ध शिकायत की गयी हो, या तृतीय पक्ष से शपथ-पत्रों पर साक्ष्य स्वीकार कर सकता है।

अपील की विनिश्चय प्रक्रिया

6-आयोग द्वारा जारी की जाने वाली सूचना की तामील निम्नलिखित किसी भी रीति में की जा सकती है; अर्थात् :-

(क) पक्ष द्वारा स्वयं तामील कराकर;
(ख) राज्य / जिला प्रशासन के प्रक्रिया तमीलकर्ता के माध्यम से हस्त (दस्ती) परिदान द्वारा,
(ग) पावती देय सहित रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा, या
(घ) सम्बन्धित कार्यालय या विभाग के अध्यक्ष द्वारा।

आयोग द्वारा सूचना की तामील

7- (1) यथास्थिति, अपीलार्थी या शिकायतकर्ता को प्रत्येक दशा में सुनवाई के दिनांक से कम से कम स्पष्ट दिन पूर्व सुनवाई के दिनाँक के संबंध में सूचित किया जाएगा।

(2) यथास्थिति, अपीलार्थी या शिकायताकर्ता आयोग द्वारा अपील या शिकायता की सुनवाई के समय अपने विवेक पर स्वयं व्यक्तिगत रूप से या अपने सम्यक् रूप से प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित हो सकता है या उपस्थित न होने का विकल्प ले सकता है।
(3) जहां आयोग का यह समाधान हो जाए कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं जिनके कारण, यथास्थिति, अपीलार्थी या शिकायतकर्ता को अयोग की सुनवाई में उपस्थित होने में रूकावट उत्पन्न हो रही है, तो आयोग, यथास्थिति, अपीलार्थी या शिकायतकर्ता को अन्तिम विनिश्चय लेने के पूर्व सुनवाई का एक और अवसर प्रदान कर सकता है या कोई और उचित कार्यवाही, जैसा वह ठीक समझे कर सकता है।
(4) यथास्थिति, अपीलार्थी या शिकायतकर्ता अपील की प्रक्रिया में अपना बिन्दु प्रस्तुत करते समय किसी व्यक्ति की सहायता ले सकता है और उसका प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति का विधि व्यवसायी होना आवश्यक नहीं है।

अपीलार्थी या शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत उपस्थिति

8-आयोग का आदेश खुली कार्यावाही में सुनाया जाएगा और वह लिखित रूप में होगा जो रजिस्ट्रार या आयोग द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सम्यक् रूप से अधिप्रमाणित होगा।

आज्ञा से,
बी०एम० मीना,
सचिव।

आयोग का आदेश

In pursuance of the provisions of clause (3) of Article -348 of the Constitution of India The Governor is pleased to pleased to order the publication of the following English translation of notification no. 1724/XLIII-2-2006-15-2(2)-03(T.C.)-19, dated November 27 , 2006.
NO.1724/XLIII-2-2006-15-2(2)-03(T.C.)-19
Dated Lucknow , November 27, 2006

In exercise of the powers under clauses (e) and (f) sub section (2) of section 27 of the Right to Information Act, 2005 Act no.22 of 2005 ), the Governor is pleased to make the following Rules :-
THE UTTAR PRADESH STATE INFORMATION COMMISSION (APPEAL PROCEDURE) RULES,2006.

  1. (1) These rules may be called the Uttar Pradesh State Information Commission (Appeal Procedure)Rules,2006
    (2) They shall come into force with effect from the date of their publication in the official gazette.

Short title and commencement

  1. (1) In these rules, unless the context otherwise requires :-
    (a) Act means the Right to Information Act,2005.
    (b) Commission means the Uttar Pradesh Information Commission ;
    (c) Section means the section of the Act ;
    (d) The words and expressions used in these rules but not defined , shall have the same meaning as assigned to them in the Act.

Definitions

  1. An appeal to the Commission shall contain the following information, namely:-
    (a) name and address of the appellant,
    (b) name and address of the State Public Information Officer against the decision of whom the appeal is preferred.
    (c) particulars of the order including number, if any, against which the appeal is preferred,
    (d) brief facts leading to the appeal
    (e) if the appeal is preferred against deemed refusal, the particulars of the application, including number, and date and name and address of the State public Information Officer to whom the application was made,
    (f) prayer or relief sought,
    (g) grounds for the prayer or relief,
    (h) verification by the appellant, and
    (i) any other information which the Commission may deem necessary for deciding the appeal.


Contents of appeal

  1. Every appeal made to the Commission shall be accompanied by the following document, namely :-
    (a) self -attested copies of the Orders or documents against which the appeal is being preferred,
    (b) copies of documents relied upon my the appellant and referred to in the appeal, and
    (c) an index of the documents referred to in the appeal.

Documents to accompany appeal

  1. In deciding the appeal the Commission may :-
    (a) hear oral or written evidence on oath or on affidavit from concorned or interested person,
    (b) peruse or inspect documents , public records or copies there of ,
    (c) inquire through authorised officer further details or facts,
    (d) hear State public Information Officer, State Assistant Public Information officer or such Senior Officer who decided the first appeal, or such person against whom the complaint is made, as the case may be,
    (e) hear third party, and
    (f) receive evidence on affidavits from State Public Information Officer, State Assistant public Information Officer, such Senior Officer who decided the first appeal, such person against who the complaint lies or the third party,

Procedure in deciding appeal

  1. Notice to be issued by the Commission may be served in any of the following modes, namely,
    (a) Service by the party itself,
    (b) by hand delivery (dasti) through process Server of the State/District Administration,
    (c) by registered post with acknowledgment due, or
    (d) through Head of office or Department concerned.

Service of notice by commission

  1. (1) The appellant or the complainant, as the case may be, shall in every case be informed of the date of hearing at least seven clear days before that date.
    (2) The appellant or the complainant, as the case may be, may at his discretion at the time of hearing of the appeal or complaint by the Commission be present in person or throught his duly authorised representative or may opt not to be present.
    (3) Where the Commission is satisfied that the circumstances exist due to Which the appellant or the complainant. as the case may be, is being prevented from attending the hearing of the Commission, then, the Commission may afford the appellant or the complainant, as the case may be, another opportunity of being heard before a final decision is taken or take any other appropriate action as it may deem fit.
    (4) The appellant or the complainant, as the case may be, may seek the assistance of any person in the process of the appeal while presenting his points and the person representing him may not be a legal practitioner.

Personal presence of the appellant on complainant

  1. Order of the Commission shall be pronounced in open proceedings and be in writing duly authenticated by the Registrar or any other officer authorised by the Commission for this purpose.

 By order,
B.M. MEENA,
Sachiv.

Order of the Commission